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जे.सी.एम. केंद्र क्या है?

 W1 50हर साल हज़ारों मिशनरी यीशु मसीह का सुसमाचार मुसलमानों तक पहुंचाने की महत्वाकांक्षा के साथ इस्लामी देशों की यात्रा करते हैं। लेकिन उन मुसलमानों की संख्या आश्चर्यजनक रूप से बहुत कम है जिन्होंने मसीह में विश्वास कर के उसे अपने उद्धारक के रूप में अपनाया हो। क्या कारण है इस दुखद वास्तविकता के पीछे ? दुर्भाग्य से जो मिशनरी इस्लामी दुनिया में यीशु का प्रचार करने जाते हैं उन्हें उन देशों की संस्कृति और इसलाम धर्म की बिलकुल नहीं या बहुत कम जानकारी होती है जिस कारण वह मुसलमानों के साथ अपना रिश्ता बनाने और उन के साथ यीशु मसीह में मुक्ति के सुसमाचार को सही तरह से साझा करने में सक्षम नहीं होते हैं।

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जे.सी.एम. केंद्र उन मसीहियों को शिक्षित करेगा जो मुसलमानों को यीशु को अपनाते देखना चाहते हैं।  उन्हें इस्लामी ग्रंथों, इस्लाम के इतिहास और इस्लामी शरीयत के कानून आदि में प्रशिक्षित किया जाएगा ताकि वह मुसलमानों से बात और उनसे विचारों का आदान प्रदान कर सकें। मिशनरियों को इस्लामी देशों में बोली जाने वाली विभिन्न भाषाएं भी सिखाई जाएंगी जो उन्हें इस्लामी समाज में आसानी से एकीकृत होने में सक्षम करेंगी।

मुस्लमान जो मसीह की ओर आकर्षित हों और ईसाई धर्म के बारे में जानकारी हासिल करना चाहते हों , हमारा केंद्र उनकी हर तरह से सहायता करेगा , उन्हें बाइबल और ईसाई धर्म से संबंधित किताबें, CD’s और DVD’s उनकी अपनी भाषा में उपलब्ध कराई जाएंगी। इस सब के अलावा मुस्लिम बहुल देशों की भाषाओँ जैसे कि उर्दू / हिंदी / बंगला / अरबी / तमिल / इंडोनेशियन आदि में बाइबल के ऑनलाइन उपदेश उपलब्ध कराए जायेंगे।

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भय और सामाजिक बंधनों के कारण एक मुसलमान के लिए इस्लाम को छोड़ कर ईसाई धर्म को अपनाना न कभी आसान था और न ही होगा। परिवार, समाज और कानून ऐसे लोगों को बहिष्कृत कर देते हैं, उनको सताते हैं और यहाँ तक कि उनको जान से भी मार भी देते हैं , सिर्फ इस वजह से कि उन्होंने अल्लाह और मुहम्मद को छोड़ कर यीशु मसीह को अपने उद्धारकर्ता के रूप में स्वीकार किया।

जे.सी.एम. केंद्र उन मुसलमान बहन भाइयों के साथ कंधे से कन्धा मिला कर खड़ा होगा जो यीशु मसीह के प्रेम के लिए अपनी जान को जोखिम में डालते हैं। हमारा संगठन उन्हें कानूनी और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराएगा। इस के अलावा उनकी आर्थिक रूप से भी सहायता की जाएगी ताकि वह एक सुरक्षित स्थान पर रह सकें और सभी कठिनाइयों के बावजूद वह अपने परमेश्वर यीशु मसीह की आराधना कर सकें और उनका ईमान हमेशा मज़बूत रहे।

W4 50जे.सी.एम. केंद्र के सुशिक्षित मिशनरी मुसलमानों के साथ जुड़ने और उन्हें मसीह के प्रकाश में लाने के लिए विश्व भर में इस्लामी राष्ट्रों की यात्रा करेंगे। जे.सी.एम. केंद्र का मिशन धरती पर मौजूद हर मुसलमान को मसीह में उद्धार और फैसले के दिन के बारे में जागरूक और तैयार करना है।

 

A7 50केवल आपकी मदद के माध्यम से हम जे.सी.एम. केंद्र के ख्वाब को वास्तविकता बना सकते हैं। आपकी दयालुता और उदारता ही हमें धरती पर मौजूद हर मुसलमान तक यीशु की आवाज़ पहुँचाने के लिए यह अनोखा और उपयोगी केंद्र बनाने में सक्षम कर सकते हैं। आपका महत्वपूर्ण योगदान हमें इस्लामी दुनिया के हर कोने में बाइबिल के संदेश का प्रसार और मुसलमानों को यीशु की छाया में लाने में मदद करेंगे। अगर आप के कुछ सवाल हैं और आपको हमारे काम के बारे में अधिक जानकारी की जरूरत है, तो हमसे संपर्क करने में संकोच ना कीजियेगा।


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