आज का सन्देशस्वागत

आज का सन्देश – परमेश्वर वह पाप भी देखता है जो हम एकांत में करते हैं

आज का सन्देश – परमेश्वर वह पाप भी देखता है जो हम एकांत में करते हैं

भजन संहिता 139:13 – हे यहोवा, तूने मेरी समूची देह को बनाया। तू मेरे विषय में सबकुछ जानता था जब मैं अभी माता की कोख ही में था।

यहोवा इस ब्रह्मांड का निर्माता है। एक भी कण या एक भी पत्ता उसकी इच्छा के बिना हिल भी नहीं सकता है। हम उसे देख नहीं सकते हैं लेकिन वह हर उस आत्मा को देखता और जानता है जो इस गृह पर मौजूद है। उसे हमारे दिल और गुर्दे की परख होती है। हम उसके रहस्यों को नहीं जानते हैं लेकिन  वह हमारी मनोदशा और जो भी हमारे दिल में छुपा है, उससे अच्छी तरह परिचित है। वह हमें तब से जानता है जब हम अपनी माँ के गर्भ के अंदर थे। उसने हमें यह चेहरा दिया, सुनने के लिए कान दिए और देखने के लिए आँखें दीं। प्रिय भाइयों और बहनों एकांत में भी पाप करने से बचिए। हमें नहीं भूलना चाहिए कि हमें अपने पिता परमेश्वर से कुछ नहीं छुपाना चाहिए और ना ही हम उससे कुछ छुपाने में सक्षम हैं क्योंकि वह हमारा सर्वशक्तिमान प्रभु है जो सब देखता है। आमीन।    


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