क्या आपके आस पास कुछ ऐसा हो रहा है जो आप को लगता है कि दुनिया के सामने लाया जाना चाहिए ? जिस दिशा में आप का समाज बढ़ रहा है क्या आप उस से चिंतित हैं ? क्या आप को लगता है कि आप के कलम की शक्ति समाज में जागरूकता ला सकती है ?

तो देर किस बात की है ? अपना कलम उठाइए और हमें लिखिए जो भी आप के दिल में हो। “अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता” हमारे मौलिक मानवाधिकारों का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है जो कोई भी कानून, संविधान, या धर्म हमसे नहीं छीन सकता है। अपनी आवाज को डरने न दीजिये बल्कि उसे उठाइए, अपने लिए, समाज के लिए और अपने परमेश्वर के लिए।

“यीशु मसीह मुसलमानों के लिए” वेबसाइट आपके लिखे हुए शब्दों को आवाज़ देना चाहती है। जो आपको लगता है, जो आप सोचते हैं, जिस में आप विश्वास करते हैं , हमें वह लिख कर भेजिए और हम आप के विचारों को दुनिया तक पहुंचाएंगे। हमारी वेबसाइट के माध्यम से ख़ुद को व्यक्त कीजिये। हालांकि नीतिवचन 6 :16-19 में लिखा है कि:

यह हैं छ: बातें वे जिनसे यहोवा घृणा रखता और यह ही सात बातें जिनसे उसको बैर है : गर्वीली आँखें, झूठ से भरी वाणी, वे हाथ जो अबोध के हत्यारे हैं। ऐसा हृदय जो कुचक्र भरी योजनाएँ रचता रहता है, ऐसे पैर जो पाप के मार्ग पर तुरन्त दौड़ पड़ते हैं। वह झूठा गवाह, जो निरन्तर झूठ उगलता है और ऐसा व्यक्ति जो भाईयों के बीच फूट डाले।

यहोवा के इस वचन को ध्यान में रखते हुए हमें केवल मान्य जानकारी ही भेजियेगा जो कि वास्तविक तथ्यों के द्वारा समर्थित हो ताकि हम अपने परमेश्वर के सामने शर्मिंदा न हों।

हम आपकी सुरक्षा से सम्बंधित चिंताओं को अच्छी तरह से समझते हैं और इसलिए कृपया आश्वस्त रहें कि आपके नाम का उल्लेख सिर्फ तब ही किया जायेगा जब आप हमें ऐसा करने की अनुमति देंगे अन्यथा आपके लेखन को आपकी पहचान के बिना ही पोस्ट किया जायेगा।

आप अपने विचार हमें इस पते पर ई मेल  कर सकते हैं: jesuschristformuslims@gmail.com


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